मनुष्य का सही वजन लंबाई के अनुसार कितना होना चाहिए, जानिए यहां

हम लोगों का लंबाई के अनुसार कितना वजन होना चाहिए देखा जाए तो यह एक सामान्य प्रश्न है परंतु इस बात की जानकारी हर कोई व्यक्ति जानना चाहता है क्योंकि एक व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए उसका वजन, उम्र और कद के अनुसार सही होना बहुत ही आवश्यक है यदि आपके मन में भी इसी तरह का कोई प्रश्न है तो इस लेख के माध्यम से आपके सभी प्रश्नों का उत्तर अवश्य मिल जाएगा।

यदि व्यक्ति का वजन ज्यादा हो तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोगों के जीवन पर इसका बुरा असर पड़ता है ऐसी स्थिति में हमारा खान-पान भी गड़बड़ा गया है ज्यादातर लोग मोटापा वजन बढ़ना मधुमेह रक्तचाप जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं परंतु हमको समस्या क्या है आखिर हम लोग खुद इस बात का पता कैसे लगा सकते हैं कि हमारे लिए सही वजन कौन सा है आज हम इसी विषय में बात करने वाले हैं।

अगर आपको यह जानना है कि आपका सही वजन कितना होना चाहिए तो इसके लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों की जानकारी होना बहुत ही आवश्यक है जैसे कि आपकी उम्र कितनी है आपका लिंग क्या है आपकी लंबाई कितनी है और आपकी बोन डेनिसिटी कितनी है इन सभी में से सबसे महत्वपूर्ण होता है कि आपकी लंबाई और उम्र कितनी है कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसके लिए आपको अपना बॉडी मास इंडेक्स नापना चाहिए लंबाई के अनुसार वजन जानने के लिए यह एक अच्छा तरीका होता है आप नीचे दिए हुए चार्ट के अनुसार इस बात का अनुमान लगा सकते हैं कि आपका वजन आपकी लंबाई के अनुसार कितना होना चाहिए।

उपरोक्त दी गई तालिका के अनुसार अगर आपका वजन आपकी लंबाई के अनुसार कम है तो आप अंडर वेट की कैटेगरी में आते हैं और अगर आपका वजन आपकी लंबाई के अनुसार ज्यादा है तो आप ओवरवेट के कैटेगरी में आते हैं इन दोनों ही अवस्थाओं में आप अस्वस्थ कहे जाएंगे अगर आपका वजन अधिक हो गया तो आपको बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

आइए जानते हैं ओवर वेट होने पर क्या-क्या परेशानियां आ सकती है

डायबिटीज:- अगर आपका मोटापा बढ़ जाए तो आप डायबिटीज के शिकार हो सकते हैं क्योंकि जब आप खाने में ग्लूकोज की मात्रा अधिक लेने लगते हैं तो मोटापे का शिकार हो जाते हैं जिसके कारण आपको डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है।

जोड़ों की समस्या:- मोटापा बढ़ जाए तो ज्यादातर लोग जोड़ों के दर्द का शिकार हो जाते हैं उनके जोड़ों में उठते बैठते समय असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है इसके साथ ही अधिक दबाव की वजह से जोड़ों पर अधिक भार पड़ने और कार्टिलेज की मात्रा के कम होने से आर्थराइटिस की समस्या होने लगती है वजन बढ़ने से जोड़ों का प्रत्यारोपण भी लगभग 8.5 फीसदी ज्यादा होने लगता है 1 किलो वजन बढ़ने का मतलब है कि जोड़ों पर 4 से 6 गुना दबाव का बढ़ना।

नोट:- हम आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी हुई जानकारी अवश्य पसंद आई होगी आप अपना सुझाव नीचे दिए हुए कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं हम आगे भी आपके स्वास्थ्य से जुड़ी हुई जानकारियां लेख के माध्यम से लाते रहेंगे धन्यवाद।

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