यह नाग है भगवान शिव का सच्चा भक्त, पिछले 15 सालों से हर रोज़ कर रहा है इस मंदिर में पूजा

आगरा: हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले सभी लोग इस बात से परिचित हैं कि इसी धर्म में सबसे ज़्यादा देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। आपको बता दें हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार कुल 33 करोड़ देवी-देवता हैं। हालाँकि सभी देवी-देवताओं की पूजा अलग-अलग जगहों पर की जाती है। लेकिन इनमें से कुछ देवी-देवता ऐसे भी हैं, जिनकी पूजा देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी की जाती है। इन्ही में से एक महत्वपूर्ण देवता है भगवान शिव।

भगवान शिव त्रिदेवों में से एक हैं। इन्हें कई नामों से जाना जाता है। भगवान शिव को शंकर, महादेव, जटाधारी, त्रिकाल, भोलेनाथ आदि नामों से जाना जाता है। भगवान शिव अपने हर भक्त की पुकार को सुनते हैं, चाहे वह कोई मनुष्य हो या जीव-जंतु। एक बार जब समुद्र मंथन के दौरान विष निकला तब भगवान शिव ने उस विष का पान करके पृथ्वी को संकट से उबारा था। विष पीने की वजह से भगवान शिव का कंठ नीला हो गया था, इसलिए इन्हें निलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। भगवान शिव की महिमा अपरंपार है। भगवान शिव अपने गले में हर समय सर्प लपेटे रहते हैं। जीव-जंतुओं के प्रति इनके प्रेम के बारे में इसी से पता चलता है। वैसे तो भगवान शिव के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, लेकिन कुछ मंदिर अपनी ख़ासियत की वजह से पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। आज हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपनी एक अलग ख़ासियत के लिए आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। जी हाँ इस मंदिर के बारे में जानकार आप भी बिना हैरान हुए नहीं रह पाएँगे।

अक्सर अपने मंदिर में लोगों को पूजा-पाठ करते हुए देखा होगा, लेकिन क्या आपने किसी मंदिर में साँप को पूजा करते हुए देखा है। आज हम आपको एक ऐसे ही अद्भुत साँप और मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। दरअसल हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं, वह उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के पास सलेमाबाद गाँव में स्थित है। हम जिस शिव मंदिर की बात कर रहे हैं, वह बहुत ही पुराना है। इस मंदिर के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ पिछले 15 सालों से हर रोज़ एक नाग आता है और भगवान शिव की पूजा करके बिना किसी को नुक़सान पहुँचाए चला जाता है।

इस मंदिर में पूजा करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। लोगों का कहना है कि नाग इस मंदिर में रोज़ आता है और लगभग 5 घंटे तक यही रहता है। हर रोज़ नाग सुबह 10 बजे आता है और 3 बजे तक यही रहता है। आस-पास के गाँवों में इस नाग को लेकर आजकल काफ़ी चर्चा हो रही है। जब भी यह नाग मंदिर में आता है, मंदिर के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं। यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है। नाग एक ज़हरीला जीव है, इसके बाद भी मंदिर में आने वाले अन्य भक्त ज़रा भी नहीं डरते हैं।

 

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