शत्रुओं पर पाना चाहते हैं विजय तो मंदिर में आरती लेते समय बोले सिर्फ़ ये एक मंत्र, फिर देखें कमाल

हर व्यक्ति के जीवन में कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो उसे आगे बढ़ता हुआ देखकर जलते हैं और उसका बुरा करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोग व्यक्ति के दुश्मन होते हैं। आज लोगों के जीवन में दुश्मनों की कमी नहीं है। अच्छा सोचने वाले काम हैं लेकिन बुरा सोचने वाले लोग ज़्यादा मिल जाएँगे। ऐसे लोगों से बचने के लिए हर कोई तरह-तरह की कोशिश करता है। लेकिन जीवन के किसी ना किसी मोड़ पर इन दुश्मनों से सामना हो ही जाता है।

बिना दीपक जलाएँ नहीं पूरी होती है पूजा:

अगर आप भी अपने जीवन के दुश्मनों से परेशान हैं तो चिंता मत कीजिए। आज हम आपको एक ऐसे उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने सभी दुश्मनों पर विजय पा सकते हैं। यह बात तो आप जानते ही हैं कि हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा में दीपक जलाना कितना महत्वपूर्ण होता है। बिना दीपक जलाए किसी भी देवी-देवता की पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। जो व्यक्ति देवी-देवताओं की विधि पूर्वक पूजा नहीं कर सकता है, वह सिर्फ़ एक दीपक जलकर एक ख़ास मंत्र बोलकर भी पूजा कर सकता है।

मंत्र के प्रभाव से दूर हो जाती हैं जीवन की सभी परेशानियाँ:

हम जिस ख़ास मंत्र की बात कर रहे हैं, उसका जाप मंदिर में आरती लेते समय भी किया जा सकता है। इस मंत्र के बारे में कहा जाता है कि यह बहुत ही शक्तिशाली होता है, और इसके प्रभाव से आप अपने सभी दुश्मनों पर विजय पा सकते हैं। उज्जैन के महान ज्योतिषाचार्य पंडित मनीष शर्मा के अनुसार हर व्यक्ति को इस मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से उसके जीवन की सभी परेशानियाँ हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं।

जानिए दीपक से जुड़ी ये ख़ास बातें:

*- जब भी आप दीपक जलाएँ या मंदिर में आरती लें, इस मंत्र का जाप करना ना भूलें।

मंत्र:

शुभम करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्। शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते।।

अर्थ:

शुभ और कल्याण करने वाली, आरोग्य और धन-सम्पदा देने वाली, शत्रु बुद्धि का नाश करने वाली और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली दीपक की ज्योति को हम प्रणाम करते हैं।

इस तरह से दीपक जलाकर इस मंत्र का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और शत्रुओं का ख़तरा दूर रहता है।

*- आपकी जानकारी के लिए बता दें देवी-देवताओं की पूजा करते समय घी का दीपक जलाकर अपने बाएँ हाथ की तरफ़ रखना चाहिए, जबकि तेल का दीपक अपने दाएँ हाथ की तरफ़ रखना चाहिए।

*- दीपक इस तरह से जलाएँ कि वो पूजा के दौरान किसी भी तरह बुझे नहीं। ऐसा होने पर पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। जब दीपक पूजा के बीच में बुझ जाए तो इसे तुरंत जलाकर भगवान से भूल-चूक की क्षमायाचना करनी चाहिए।

*- घी का दीपक जलाते समय हमेशा सफ़ेद रुई की बत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए। जबकि तेल का दीपक जलाते समय लाल धागे की बत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए।

*- भूलकर भी पूजा के दौरान टूटे-फूटे दीपक को नहीं जलाना चाहिए। पूजा-पाठ के दौरान टूटी-फूटी चीज़ों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।

*- जिस घर में हर रोज़ दीपक जलाया जाता है, वाहन सकारात्मक ऊर्जा का निवास होता है। दीपक के धुएँ से वातावरण में मौजूद छोटे किटाणु भी ख़त्म हो जाते हैं।

*- हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार प्रत्येक शाम को घर के मुख्य दरवाज़े के पास दीपक जलाना चाहिए। इससे धन की देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखती हैं।

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