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मेरे घर को “मिनी बैंक” मानते थे पार्थ, हर 10 दिन में मेरे संग., ED से अर्पिता मुखर्जी का खुलासा

पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी मानी जा रही अर्पिता मुखर्जी की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी के करीबी अर्पिता मुखर्जी ने ईडी की पूछताछ के दौरान कई चौकाने वाले बड़े खुलासे किए हैं। पार्थ चटर्जी और अर्पिता को 3 अगस्त तक एजेंसी की हिरासत में भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी ने यह स्वीकार किया है कि उनके घर पार्थ चटर्जी का आना जाना लगा रहता था।

सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान अर्पिता मुखर्जी ने यह कहा कि उनके घर को “मिनी बैंक” के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। ईडी के सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि अर्पिता मुखर्जी ने बताया कि पार्थ चटर्जी उसके घर में ही पैसा रखा करते थे। वहीं ईडी के इस दावे को अर्पिता मुखर्जी के वकीलों की ओर से चुनौती दी जा सकती है। वकीलों का कहना है कि ईडी की ओर से जांच की डिटेल को मीडिया से लीक किया जा रहा है, जो गलत है।

इसके साथ ही वकीलों की ओर से केंद्रीय एजेंसियों की ओर से दर्ज केसों में लोगों के दोषी पाए जाने की कम दर का भी सवाल उठाया जा सकता है। बता दें कि ईडी ने छापेमारी के दौरान पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से 21 करोड़ रुपए नगदी बरामद किए हैं।

हर 10 दिन में आया करते थे…

आपको बता दें कि अर्पिता मुखर्जी कभी एक्टर और मॉडल रह चुकी हैं। वह कुछ सालों से पार्थ चटर्जी की करीबी थी। जब शनिवार को पार्थ और अर्पिता को अरेस्ट किया गया था, उससे पहले अर्पिता के घर से बरामद हुए नोटों के जखीरे की तस्वीरें काफी वायरल हुई थीं। खबरों में सूत्रों के हवाले से लिखा गया अर्पिता मुखर्जी ने ईडी को बताया कि उनका पार्थ चटर्जी से एक बंगाली अभिनेता ने परिचय कराया था।

बता दें कि स्कूल जॉब घोटाले में बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी के साथ गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी ने कथित तौर पर दावा किया कि पार्थ चटर्जी उनके घर पर पैसा जमा करते थे। उनके घर को “मिनी बैंक” की तरह मानते थे। सूत्रों के अनुसार अर्पिता ने बताया कि पूरी रकम को उसके घर के एक कमरे में रखा जाता था, जहां पार्थ चटर्जी और उसके लोगों की ही एंट्री थी। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने दावा किया कि मंत्री हर हफ्ते या हर 10 दिन में उनके घर आते थे।

एक और महिला के घर में रखा जाता था कैश

ईडी के सूत्रों के अनुसार एक और महिला का ऐंगल भी बताया गया है। उन्होंने कहा कि अर्पिता ने जांचकर्ताओं को बताया कि पार्थ ने मेरे और दूसरी महिला के घर को मिनी बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। वह दूसरी महिला भी उनकी करीबी दोस्त है। अर्पिता ने कहा कि मंत्री ने कभी उसे यह नहीं बताया था कि कमरे में कितनी रकम रखी गई है।

बताया- कहां से आता था कैश

अर्पिता मुखर्जी और पार्थ चटर्जी की मुलाकात 2016 में हुई थी और तब से ही यह दोनों एक दूसरे के करीबी थे। सूत्रों का ऐसा दावा है कि अर्पिता ने स्वीकार किया है कि यह पैसा तबादलों के लिए और कॉलेजों को मान्यता दिलाने में मदद करने के लिए प्राप्त रिश्वत से आया था। यह पैसा हमेशा उनके सहायकों की ओर से लाया जाता था, खुद मंत्री पार्थ चटर्जी पैसे लेकर कभी नहीं आए।

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