दिग्विजय सिंह ने पकड़ा पुलिस वाले का कॉलर, वर्दी वाले पर हाथ उठाना क्या कांग्रेस का पेशा है?

भोपाल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर जबरदस्त तरीके से राजनीतिक हंगामा बरपा हुआ है। दरअसल, जिला पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा पर आरोप लगा रही है। दावा किया गया कि कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले पाला बदल लिया है। इसकी भनक लगते ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने इसका विरोध किया। इसी दौरान वहां जमकर धक्का-मुक्की हुई। इसी कड़ी में एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में दिग्विजय सिंह एक पुलिस वाले का कॉलर पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने जारी किया है। इसके बाद भाजपा दिग्विजय सिंह के खिलाफ हमलावर हो गई है। भाजपा की ओर से भी पुलिस का कॉलर पकड़े दिग्विजय सिंह की एक फोटो जारी की गई है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसको लेकर दिग्विजय सिंह की निंदा की है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसा अशोभनीय व्यवहार किसी पूर्व मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है। पुलिस अफसर का कॉलर पकड़ रहे हैं, कलेक्ट्रेट के गेट को धक्का देकर तोड़ने की कोशिश कर रहे है। लोकतंत्र में जय और पराजय चलती रहती है, लेकिन ऐसी बौखलाहट कि आप पुलिस अफसर का कॉलर पकड़ें, यह अधिकार आपको किसने दिया? उन्होंने आगे कहा कि मुझे आश्चर्य है कि कोई व्यक्ति दस साल तक मुख्यमंत्री रहकर ऐसी प्रतिक्रिया दे! यह तो कांग्रेस की बौखलाहट का प्रतीक है। जमीन खिसक गई, तो गालियां दो, कॉलर पकड़ो, मैं इसकी घोर निंदा करता हूं।


वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि देश में आतंकवादियों का समर्थन एवं सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाले दिग्विजय सिंह पुलिस अधिकारी से गुंडागर्दी कर रहे हैं। लोकतंत्र में गुंडागर्दी से वोट नहीं मिलता। कांग्रेस का अपराधिकरण का मूल चरित्र सामने आया है, मैं इसकी कड़ी आलोचना करता हूँ। इससे पहले भोपाल में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और शिवराज सरकार में मंत्री विश्वास सारंग के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। कहा जा रहा है कि मामला इतना ज्यादा बढ़ गया कि पुलिस ने अगर बीच-बचाव नहीं किया होता तो दोनों नेताओं के बीच हाथापाई तक हो सकती थी।