इस तारीख को एकनाथ शिंदे करने वाले हैं मंत्री मंडल विस्तार, अजीत पवार के आरोपों का दिया जवाब

महाराष्ट्र में कैबिनेट का विस्तार जल्दी ही किया जाएगा। इस पर चर्चा चल रही है। राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को पुणे में यह बात कही। इस दौरान उन्होंने फसल ऋण, बांधों में पानी की किल्लत, कोरोना की स्थिति और बूस्टर डोज की समीक्षा की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए। यही नहीं कैबिनेट विस्तार को लेकर भी कहा कि जल्दी ही मंत्रिमंडल का गठन किया जाएगा। विपक्षी नेता अजीत पवार की ओर से बाढ़ जैसे संकट में असंवेदनशील होने के आरोपों का भी एकनाथ शिंदे ने जवाब दिया।

एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘बाढ़ की स्थिति के दौरान मैंने और उपमुख्यमंत्री ने गढ़चिरौली का दौरा किया था। एक हेलीकॉप्टर भी तैयार रखा गया था। इसका इस्तेमाल होना था, लेकिन बारिश इतनी तेज थी कि हेलीकॉप्टर नहीं जा सका। हालांकि हमने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की है। शिंदे ने बताया कि उन्होंने सड़क पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री शिंदे ने राज्य सरकार के कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ठीक से चल रही है या नहीं? यह सवाल विपक्ष से पूछा गया है। उस विपक्ष ने यह पूछा है, जिसने किसानों को 50 हजार रुपये देने की योजना रोक दी थी। हमने इसे लागू कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की गई है।

केंद्र सरकार की योजनाओं में देरी हुई है या नहीं, इसकी समीक्षा की गई है। केंद्र सरकार से संबंधित परियोजनाओं और अन्य प्रश्नों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं से राज्य को लाभ मिलना चाहिए। इसलिए इन योजनाओं की समीक्षा की गई है। पुणे संभाग के पांच जिलों में रुके हुए कार्यों में तेजी लाने का काम किया जाएगा। विकास कार्यों की थर्ड पार्टी ऑडिटिंग पर जोर दिया जाएगा। इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यह बताया कि छत्रपति संभाजी महाराज के समाधि स्थल की विकास योजना को स्थगित नहीं किया गया है।

अपने ही नाम से पार्क के उद्घाटन से पीछे हटे एकनाथ शिंदे

बता दें कि एकनाथ शिंदे को पुणे में अपने ही नाम पर एक पार्क का उद्घाटन भी करना था, लेकिन इस पर विवाद हो गया। नागरिकों के ऐतराज के चलते एकनाथ शिंदे ने उस कार्यक्रम को ही रद्द कर दिया। अपने ही नाम पर पार्क उद्घाटन करने के प्लान की आलोचना की जा रही थी। बता दें कि शिवसेना के पूर्व पार्षद नाना भंगिरे ने पार्क का नाम एकनाथ शिंदे पर रखने का प्रस्ताव दिया था और उसके उद्घाटन का कार्यक्रम भी तय किया था, लेकिन विरोध के बाद पीछे हटना पड़ा।