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तो क्या दलित होने के कारण राष्ट्रपति कोविंद को नहीं मिला मंदिर में प्रवेश? जानिए क्या है सच..

आज के समय में देश के कई प्रतिष्ठित पदों पर कई दलित व्यक्ति सत्तासीन हैं , उनमें से एक देश के महामहीम राष्ट्रपति का पद भी है। पर इसके बावजूद लोगों की सोच जातिगत भेदों को लेकर कम नहीं हुई। कुछ ऐसा ही देखने को मिला है हाल के दिनों में, जब देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 14 मई को अपने परिवार समेत राजस्थान के पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। वैसे तो राष्ट्रपति का ये कार्यक्रम पूरी तरह व्यक्तिगत था पर इस व्यक्तिगत कार्यक्रम को राष्ट्रीय खबर होते देर न लगी और हैरत की बात ये रही जब राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की मंदिर की सीढ़ियों पर बैठकर पूजा करने की फोटो को लेकर  सोशल मीडिया पर ये कहा गया कि, एक दलित होने के कारण राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ब्रह्मा मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिली है और इसी वजह से उन्होंने परिवार समेत सीढ़ियों पर बैठकर पूजा की। ऐसे में ये खबर आग की तरह फैल गई, बिना सोचे समझे लोग इसे सच मानने लगें और इस खबर को शेयर भी करने लगे। अगर आपने भी इस खबर को सच माना है तो आज इसकी सच्चाई भी जान लीजिए।

क्या है वायरल सच

दरअसल ये खबर जैसे ही वायरल होने लगी तो इस बारे में ब्रह्मा मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव और क्षेत्र के एसडीएम विष्णु कुमार गोयल ने खुद इसका खंडन करते हुए बताया कि, असल में जब राष्ट्रपति कोविंद का मंदिर में पूजा का कार्यक्रम तय था, तभी उस दौरान राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद के पैरों में दर्द था, जिसके कारण उन्होंने मंदिर की सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थता जाहिर की। दरअसल मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचने के लिए 50 सीढ़ियां थीं, ऐसे में राष्ट्रपति के निर्देश पर ही प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके लिए पूजा की व्यवस्था मंदिर की सीढ़ियों पर की । इस तरह राष्ट्रपति कोविंद ने अपनी पत्नी के साथ मंदिर की सीढ़ियों पर ही बैठकर पूजा-अर्चना की।

पर वहीं कुछ शरारती तत्वों ने इस तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति के दलित होने के कारण मंदिर में प्रवेश नहीं मिलने का मैसेज फैलाना शुरू कर दिया, जो कि देखते ही देखते वायरल हो गया। ऐसे में इस सामाजिक विदेष फैलाने वाले मैसेज का असर यहां तक हुआ कि राष्ट्रपति कोविंद के कथित अपमान होने से नाराज़ एक सिरफिरे युवक ने 28 मई को ब्रह्मा मंदिर के पुजारी पर जानलेवा हमला भी कर दिया। बताया जा रहा है कि पुजारी पर जानलेवा हमला करने वाले इस शख्स का नाम अशोक मेघवाल है, जो कि सीसीटीवी फुटेज में धारदार हथियार लिए वार करता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि इस हमले में पुजारी बाल-बाल बचा और किसी तरह मंदिर के गर्भगृह में जाकर जान बचाई।

वहीं इस तरह के हमले के बाद ब्रह्मा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठ रहे हैं कि, आखिर जिस मंदिर में प्रवेश करने के लिए सभी भक्तों को मेटल डिटेक्टर परीक्षण से गुजरना पड़ता है, वहीं एक शख्स धारदार हथियार लेकर पहुंच गया और इस तरह की घटना को अंजाम भी दे दिया ।

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