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बीजेपी और शिंदे गुट के बीच सब कुछ ठीक नहीं? कैबिनेट विस्तार पर लगा ग्रहण

महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Chief Minister Eknath Shinde) बुधवार को दिल्ली जाने वाले थे लेकिन फिर यह खबर आई कि यह दौरा रद्द हो गया है। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन का अब काफी समय बीत चुका है लेकिन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अभी तक अपनी कैबिनेट का विस्तार नहीं किया है। एकनाथ शिंदे के विद्रोह को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। साथ ही उनके शपथ ग्रहण समारोह में भी कई दिन हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अभी तक अपनी कैबिनेट का विस्तार नहीं किया है। बुधवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इसे अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली रवाना होने वाले थे, जहां पर उनकी मुलाकात बीजेपी के आलाकमान से हो सकती थी लेकिन अंतिम समय में ही यह खबर निकल कर सामने आई कि उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया है। हालांकि, शिंदे के दौरे के अचानक रद्द होने का कोई भी कारण नहीं बताया गया है।

आपको बता दें कि 30 जून को एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री की शपथ ली थी, वहीं देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ली थी। इसके बाद हर बार यह कहा जा रहा है कि शिंदे और फडणवीस जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे लेकिन अभी तक समय नहीं मिला है। एकनाथ शिंदे ने हाल ही में यह कहा था कि वह अगले तीन दिनों में ही अपनी कैबिनेट का विस्तार कर लेंगे। लेकिन दिल्ली का दौरा टलने के बाद फिर कयासों के बाजार गर्म हो गए हैं।

आपको बता दें कि इस शिंदे और बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के लगभग एक महीने बाद भी कैबिनेट का विस्तार ना होना कई सारे सवाल खड़ा कर रहा है। इसके साथ ही विपक्ष भी इसे लेकर हमलावर है। सीएम एकनाथ शिंदे का दिल्ली दौरा कई मायनों में खास है। वह यहां गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी नेताओं के साथ मुलाकात कर मंत्रिमंडल को लेकर अंतिम चर्चा कर सकते हैं।

लोग अब शिंदे गुट और बीजेपी के बीच के समीकरण पर भी चर्चा करने लगे हैं। बता दें कि सीएम बनने के बाद एकनाथ शिंदे का दिल्ली का यह पांचवा दौरा है। इससे पहले जब शिंदे दिल्ली आए थे तो अधिकांश बैठक के बाद कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर की बात कही जा रही है।

बता दें कि शिंदे और फडणवीस ने 30 जून को क्रमश: मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसी बीच विपक्ष में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना भी की है। विदर्भ मराठवाड़ा में बारिश से बड़े पैमाने पर कृषि को नुकसान पहुंचा है।

मंत्रिपरिषद का विस्तार ना होने की वजह से किसी भी जिले में संरक्षक मंत्री नहीं है। इसके साथ ही विपक्ष में सरकार की तरफ से मदद नहीं पहुंचाने पर भी आलोचना की है। इतना ही नहीं बल्कि राज्य सरकार का मानसून सत्र अभी तक नहीं हो पाया है। बता दें मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद शिंदे चार बार दिल्ली का दौरा कर चुके हैं। फडणवीस ने पहले कहा था कि नए मंत्रिपरिषद का गठन जल्द किया जाएगा।

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