चाणक्य नीति अनुसार कभी नहीं पचती इस तरह से की गई कमाई, जल्द नष्ट हो जाता है ऐसा धन

आजकल के समय में हर कोई इंसान यही चाहता है कि उसके पास ढेर सारा पैसा हो, जिससे वह अपना जीवन अच्छे से व्यतीत करें। हर किसी इंसान की इच्छा सभी सुख-संसाधन का आनंद उठाने की होती है और अपनी इन जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यक्ति दिन रात मेहनत करके ढेर सारा पैसा कमाता है। लेकिन इस दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो बिना मेहनत के ही आसान तरीकों से पैसा कमाने के बारे में सोचते रहते हैं।

कुछ लोग शॉर्टकट तरीके से अमीर बनना चाहते हैं। लेकिन अगर यह अमीर भी बन जाएं, तो उनके पास जो भी पैसा है वह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाता है। ऐसे लोगों की जिंदगी में आर्थिक समस्या बनी रहती है। चाणक्य नीति में इस बात का जिक्र किया गया है कि कैसे लोगों के पास पैसा अधिक दिनों तक नहीं रुकता है।

अगर यह लोग अमीर बन भी जाते हैं, तो उनका सारा धन बहुत ही जल्द नष्ट हो जाता है। अगर आप चाहते हैं कि धन की देवी माता लक्ष्मी जी की कृपा आपके ऊपर बनी रहे, तो आप इन आदतों को जितनी जल्दी हो सके छोड़ दीजिए अन्यथा हमेशा आपको पैसों के लिए तरसना पड़ सकता है।

चाणक्य श्लोक-

अन्यायोपार्जितं द्रव्यं दश वर्षाणि तिष्ठति।
प्राप्ते एकादशे वर्षे समूलं च विनश्यति।।

गलत तरीकों से कमाया गया पैसा

आचार्य चाणक्य ने अपनी “चाणक्य नीति” नामक पुस्तक में एक श्लोक के माध्यम से यह बताया है कि जो पैसा गलत तरीके से कमाया जाता है, वह आपको पल भर की खुशी तो जरूर दे सकता है परंतु आप हमेशा खुश नहीं रह सकते हैं। जो पैसा गलत तरीके से कमाया जाता है, वह हमेशा मनुष्य को भविष्य में दुख ही देता है। चाणक्य के मुताबिक, जो व्यक्ति अपनी मेहनत के बलबूते नहीं बल्कि चोरी या फिर धोखे से पैसा कमाता है, उसे भिखारी बनते ज्यादा देर नहीं लगती है।

चोरी से कमाया धन

चाणक्य नीति अनुसार, जो इंसान चोरी से कमाई करता है, वह अपने जीवन में कभी भी खुश नहीं रह सकता है। भले ही इंसान को कुछ पल की खुशियां जरूर मिल जाएंगी परंतु इंसान ऐसे धन से हमेशा खुश नहीं रह सकता है। जो खून पसीने से कमा कर खुशी मिलती है वह खुशी चोरी की कमाई से आपको कभी नहीं मिलेगी। चोरी से कमाए गए धन से दूसरे इंसान की हाय लगती है, जिससे आपका सर्वनाश हो जाता है।

इतना ही नहीं बल्कि खुद के साथ कुल का भी नाश हो सकता है। अगर आप मेहनत से कमाई करते हैं तो इससे आपको अपने जीवन में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता। सही रास्ते पर चलकर ही समृद्धि हासिल की जा सकती है। इसलिए कभी भी चोरी नहीं करनी चाहिए।

अनैतिक कार्य से की गई कमाई

आचार्य चाणक्य अनुसार, जो लोग अनैतिक कार्य से कमाई करते हैं ऐसे लोगों के यहां पर मां लक्ष्मी जी कभी नहीं ठहरती हैं। गलत काम करके पैसा कमाने वाले लोगों के घर में मां लक्ष्मी जी का वास नहीं होता है। डरा धमकाकर, वसूली करके, जुआ खेलकर कमाए गए धन की सीमा बहुत छोटी होती है। जो लोग ऐसे बुरे कर्मों से कमाई करते हैं, उनका सारा पैसा दुर्घटना बीमारी या फिर कोई अन्य नुकसान की वजह से खत्म हो जाता है। इसलिए गलत कामों से कभी भी पैसा नहीं कमाना चाहिए।

धोखे से कमाया पैसा

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति धोखा देकर पैसा कमाता है, उसका और उसके घरवालों का कहीं भी मान सम्मान नहीं होता है। ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति की जिंदगी पूरी तरह से तबाह हो जाती है। ऐसे लोग समाज में अपना स्थान नहीं बना पाते हैं। समाज भी इन लोगों को स्थान नहीं देता है। इस तरह के लोग हमेशा कर्ज के बोझ में ही दबे रहते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो जितनी जल्दी हो सके आप इन आदतों को छोड़ दीजिए।